Crores of Salutes to Rashtrapita Jotiba Phuley

परम आदरणीय महात्मा ज्योतिराव फुले की १८५वीं जन्म- शताब्दी पर

सभी माननीय सदस्यों को हार्दिक शुभकामनायें स्वीकार हों |
महात्मा ज्योतिवा फुले
( अप्रैल ११, १८२७ – नवम्बर २६, १८९० )

घनाक्षरी- छंद
( १ )
महात्मा ज्योतिवा फुले को नमन- सम्मान दूं,
द्वार – सब शिक्षा खोलि एहसान किया है |
सवित्रीवाई उनके पद – चिन्हों पर चल,
शिक्षा की ज्योति- जला नारी को पढ़ाया है |
समाज में अपमान अपवाद – मनुवाद,
दलितों ने सहा इसे गुलाम बनाया है |
फुले ने गुलाम-गीरी लिखि पोल मनु खोली,
है सताया ब्राह्मणों ने और शूद्र बताया है |
(२ )
सिखाया समाज जब शिक्षा दिन – रात देके,
गुलाम – गीरी जाय कैसे शूद्रों को बताया है |
सत्य – शोधक समाज बनायेंगे पढ़ा – पढ़ा,
ज्योतिवाराव – सम्मान सबको दिलाया है |
सावित्रीवाई फुले ने निभाया साथ ज्योतिवा,
नारी – नारी को पढ़ाया नारी को उठाया है |
शीश झुका औ नमन करि – करि आज सब,
समाज में उठाओ है मनु- से बचाया है |
( ३ )
गरीबों को वरदान ज्योतिवा फुले महान,
जगा गरीब – किसान ज्ञान का प्रतीक है |
अधिकारों को दिलाय शोषितों को समझाय,
कानून – लड़ाई लड़ी साहसी – निर्भीक है |
उम्र – सारी हारे नहीं मनुवाद की लड़ाई,
क्रांतिकारी ऐसे आप सत्य का प्रतीक है |
देश में अमर आज बनाये सबके काज,
हर – पल के हित में हुआ ये शरीक है |
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रामबाबू गौतम, न्यू जर्सी (अमेरिका)
अप्रैल ८, २०१२

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